हाथरस के मुरसान कोतवाली क्षेत्र में एक लापता युवक का शव करवन नदी से बरामद होने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। युवक 13 मार्च से लापता था और कल उसका शव करवन नदी से बरामद हुआ था। उसके चाचा ने वर्तमान प्रधान और उसके तीन परिजनों पर राजनीतिक द्वेष के चलते अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मृतक की पहचान मुरसान के गांव विशुनदास निवासी 32 वर्षीय रितेश उर्फ छोटू के रूप में हुई थी। परिजनों के अनुसार, 13 मार्च को गांव के ही कुछ लोग उसे घर से बुलाकर ले गए थे। जब वह रात को वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रितेश के न मिलने पर परिजनों ने अगले दिन मुरसान कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार को परिजन आगरा-अलीगढ़ न्यू हाईवे के निकट करवन नदी में उसकी तलाश कर रहे थे, तभी उन्हें एक क्षत-विक्षत शव मिला। शव की पहचान लापता रितेश के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चाचा कोमल सिंह, जो कि पूर्व प्रधान भी हैं, ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के वर्तमान प्रधान दयाल सिंह, उनके पुत्र श्याम सिंह और भतीजे हरिओम व चंदवीर सिंह ने राजनीतिक द्वेष के चलते रितेश का अपहरण कर हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को करवन नदी में फेंक दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं कोमल सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्रधान समेत चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, जिसके चलते विसरा सुरक्षित रखा गया है।

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