रामपुर जिला अस्पताल में वार्डबॉय की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। मरीजों को स्ट्रेचर और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे तीमारदारों को अपने बीमार परिजनों को खुद ही उठाकर इलाज के लिए ले जाना पड़ रहा है। रविवार को पटवाई थाना क्षेत्र के लालपुर पट्टी खुर्द निवासी एक व्यक्ति अपनी बीमार बेटी को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया, लेकिन उसे एंबुलेंस नहीं मिल सकी। मजबूरी में वह पत्नी के साथ बेटी को बाइक पर बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसे स्ट्रेचर या वार्डबॉय की सुविधा नहीं मिली, जिससे उसे बेटी को खुद ही डॉक्टर तक ले जाना पड़ा। अस्पताल की इस अव्यवस्था के कारण कई मरीजों के परिजन उन्हें ओपीडी और वार्ड तक खुद ही पहुंचाने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 150 बिस्तरों वाले इस जिला अस्पताल में वार्डबॉय की संख्या बेहद कम है। प्रत्येक वार्ड में मात्र दो वार्डबॉय तैनात हैं, जबकि जरूरत कम से कम चार से छह की बताई जा रही है। इस कमी के चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। फहीम के तीमारदार यूसुफ ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें इलाज से पहले ही अस्पताल की अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ता है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि ईद के दौरान स्टाफ की कमी हो जाती है, जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और भविष्य में मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

Leave a Reply