लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में विश्व कठपुतली दिवस 2026 पर एक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से हुए इस आयोजन में पारंपरिक कठपुतली कला का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रदीप नाथ त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत से हुआ। संस्कृति विभाग के प्रतिनिधि सूरज कुमार का बुके देकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रदीप नाथ त्रिपाठी ने कठपुतली कला के महत्व और इसकी आवश्यकता बताया। उन्होंने इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिसके संरक्षण पर जोर दिया गया। लोकप्रिय कठपुतली नाटकों का मंचन किया कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ वंदेमातरम के साथ हुआ। मंच पर कलाकारों ने ‘गुलाबो सिताबो’, ‘लव कुश’ और ‘अलादीन’ जैसे लोकप्रिय कठपुतली नाटकों का मंचन किया। इन प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतापगढ़ से आए शिव कुमार श्रीवास्तव ने कठपुतली नृत्य और हास्य नाटक प्रस्तुत किए, जिन्होंने दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में जीवंतता भर दी।कार्यक्रम का संचालन मनमोहन लाल ने किया। इस पूरे आयोजन के दौरान पारंपरिक कला के प्रति लोगों का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

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