चंदौली के सदर तहसील में तैनात एसडीएम दिव्या ओझा और पीडीडीयू नगर के तहसील में तैनात एसडीएम अनुपम मिश्रा के बीच चल रही पर्दे के पीछे की लड़ाई अब सामने आ गई हैं। दोनों पति और पत्नी के बीच प्रतापगढ़ के महिला थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। सदर तहसील में तैनात एसडीएम दिव्या ओझा के पिता निशाकांत ओझा के द्वारा दर्ज कराए गए एफआईआर में पीडीडीयू नगर में तैनात एसडीएम अनुपम मिश्रा को जन्मजात नपुंसक बताया गया हैं। उनका आरोप है कि दहेज के लिए शुरूआत में 20 करोड़ मांगा गया था, जो अब पांच करोड़ तक पहुंच गया हैं। निशाकांत के द्वारा पीडीडीयू नगर के एसडीएम अनुपम मिश्रा के पिता प्रमोद मिश्रा, माता शशि मिश्रा, बहन पूजा पांडेय और प्रीति पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हैं। आपको बता दें कि चंदौली के सदर तहसील में एसडीएम के पद पर दिव्या ओझा तैनात हैं। वहीं उनके पति अनुपम मिश्रा चंदौली के पीडीडीयू नगर तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। दोनों के बीच काफी समय तक पर्दे के पीछे गतिरोध होने की सूचनाएं मिलती रही। लेकिन तहसील स्तर के उच्च अधिकारी होने पर किसी ने दोनों के मामले को सामने लाने का प्रयास नहीं किया। लेकिन इसी बीच प्रतापगढ़ के महिला थाने में दर्ज हुए मुकदमें ने दोनों पति और पत्नी के बीच का गतिरोध को सामने ला दिया हैं। सदर एसडीएम दिव्या ओझा के पिता प्रतापगढ़ के शुकुलपुर, दहिलामाऊ के निवासी निशाकांत ओझा ने प्रतापगढ़ के एसपी को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसके बाद प्रतापगढ़ के महिला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ हैं। निशाकांत का आरोप है कि प्रयागराज के नैनी क्षेत्र के एडीए कालोनी निवासी अनुपम मिश्रा के साथ वर्ष 2020 में उनकी बेटी दिव्या ओझा के साथ शादी हुई। लोगों ने शादी के वक्त 20 करोड़ का दहेज मांगा, फिर 15 करोड़ तथा बाद में पांच करोड़ का मांग किया गया। लेकि इसके बाद सामर्थ्य के अनुसार दस लाख खाते में, 28 लाख कैश, 40 लाख के आभूषण तथा सात लाख का सामान दिया गया। लेकिन इसके बाद भी एसडीएम अनुपम मिश्रा के द्वारा कई बार गला दबाकर मारने का प्रयास किया गया।

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