बस्ती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग में आयोजित एकत्रीकरण एवं पथ संचलन कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ. अवधेश ने भारतीय नव वर्ष को आत्ममंथन और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प का पर्व बताया। उन्होंने समाज को सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अवधेश ने अपने संबोधन में कहा कि नवसंवत्सर विश्व का सबसे प्राचीन संवत्सर है, जिसका आरंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। यह दिन सृष्टि की रचना, कालगणना के प्रारंभ, भगवान राम के राज्याभिषेक, सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत की स्थापना, नवरात्र प्रारंभ, महर्षि दयानंद द्वारा आर्य समाज की स्थापना और संघ संस्थापक डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के जन्म दिवस के रूप में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने आगे कहा कि कलयुग में देव और आसुरी प्रवृत्तियां एक ही व्यक्ति के भीतर होती हैं, ऐसे में सही और गलत का निर्णय स्वयं करना होता है। डॉ. अवधेश ने पंच परिवर्तन के संकल्प को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संघ समाज के बीच रहकर राष्ट्रहित में कार्य कर रहा है और राष्ट्र की प्रगति में ही सबका हित निहित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता धीरेंद्र शुक्ला ने की। उन्होंने कहा कि संघ का अनुशासन और समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायी है। इससे पूर्व श्वेतांशु ने एकल गीत प्रस्तुत किया, जबकि सुधांशु ने बौद्धिक कार्यक्रम का संचालन किया। अब तस्वीरें देखिए…
पथ संचलन सरस्वती विद्या मंदिर से प्रारंभ होकर पक्के बाजार, रोडवेज, जिला अस्पताल और दक्षिण दरवाजा होते हुए साहू धर्मशाला पर समाप्त हुआ। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर जिला सह संघचालक प्रमोद, प्रांत गोसेवा प्रमुख अखिलेश, प्रांत समरसता प्रमुख सुभाष, विभाग प्रचारक ऋषि, विभाग कार्यवाह आशीष, अरविंद, भवानी प्रसाद, विष्णु प्रसाद, संतराम, श्रीराम, राहुल, गोविंद सिंह, राजेश कुमार, सर्वेंद्र, राघवेंद्र, अंकित, वायुनंदन, हरिओम प्रकाश, भानु, वीरेन्द्र सहित सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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