प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क में वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई, जिसमें सरकार द्वारा 2011 से पूर्व के शिक्षकों पर TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता का पुरजोर विरोध किया गया। उपस्थित शिक्षकों ने इस नियम पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए वैचारिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान उच्च अधिकारियों से मिलकर जल्द कराया जाएगा। उन्होंने 2011 से पहले के शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता को अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक बताया। डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर शिक्षकों को परेशान कर रही है, पहले पुरानी पेंशन बंद की और अब TET की अनिवार्यता थोप रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवेदनशील होती, तो संसद में अधिसूचना पारित कर ऐसे अव्यवहारिक नियम को तत्काल रद्द कर देती। प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह ने आगे बताया कि अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में 13 अप्रैल 2026 को प्रत्येक जनपद में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। प्रयागराज में यह जुलूस डायट से सुभाष चौराहे तक प्रस्तावित है। इसके बाद लखनऊ में एक विशाल धरना प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रांतीय महामंत्री दिनेश कुमार वर्मा, प्रांतीय कोषाध्यक्ष लालमणि पटेल, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीमती हेमलता गुप्ता, भूपेंद्र सिंह, विनोद कुमार सिंह, गोपेश पाल, संत लाल दिनकर, नवनीत कुमार यादव, अंशुमान सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें मंडल अध्यक्ष दिनेश चंद्र राव, मंडल महामंत्री समर सिंह, मंडल कोषाध्यक्ष जय प्रकाश यादव, मंडल उपाध्यक्ष अजब सिंह, चंद्र प्रकाश वर्मा, दया शंकर गुप्ता, वेद प्रकाश पटेल, इंद्र कुमार सिंह, जिला अध्यक्ष रमा कांत सिंह, जिला कोषाध्यक्ष राम कृष्ण केसरवानी, जिला उपाध्यक्ष विजय बहादुर शर्मा, अमर जीत सिंह, मनीष कुमार सिंह, अमित कुमार गुप्ता, हरेंद्र कुमार मौर्य, आनंद कुमार कन्नौजिया, सतीश कुमार सरोज, धन सिंह, आनंद पाल और आशीष कुमार यादव प्रमुख थे।

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