अयोध्या जिले के खण्डासा थाना क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी और धमकी का मामला सामने आया है। मोहम्मदपुर अमानीगंज गांव निवासी मोनू ने मिल्कीपुर के उप जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कई लोगों पर संगठित तरीके से ठगी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता मोनू के अनुसार, उसकी मुलाकात कौशलपुरी फेज-2 में अतुल पाण्डेय और उनकी पत्नी कुसुम पाण्डेय से हुई थी। आरोप है कि अतुल और कुसुम ने चिरौली गांव में एक प्लॉट दिखाकर उसे खरीदने के लिए प्रेरित किया। उनके भरोसे में आकर मोनू ने अक्टूबर 2024 से लेकर 2025 तक कुल 6 लाख रुपये दिए। इसमें 1.5 लाख रुपये लिखापढ़ी के साथ, 2 लाख रुपये ऑनलाइन और लगभग 2.5 लाख रुपये नकद शामिल थे। पीड़ित का आरोप है कि पैसे लेने के बावजूद आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। जब मोनू गुप्ता 11मार्च को रजिस्ट्री कराने के लिए चिरौली स्थित अतुल पाण्डेय के घर पहुंचा और अपने पैसे वापस मांगे, तो वहां मौजूद अन्य आरोपियों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया। मोनू के साथ मारपीट की गई और उसे जान से मारने तथा झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया गया। मोनू ने यह भी आरोप लगाया है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को जमीन दिखाकर ठगी करता है। आरोपियों पर सरकारी खतौनी में हेराफेरी करने और कंप्यूटर के माध्यम से नाम एडिट कर फर्जी प्लॉट दिखाने का भी आरोप है। पीड़ित ने बताया कि उसने घटना के दिन ही खण्डासा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। इस संबंध में,मिल्कीपुर के क्षेत्राधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा अब तक कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि हो सके। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। वहीं, तेंधा गांव निवासी राजू कनौजिया, जिन पर आरोप लगाए गए हैं, का कहना है कि उनकी शिकायतकर्ता से कभी मुलाकात ही नहीं हुई है।

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