राम मंदिर परिसर का दर्शन क्षेत्र अब और बढ़ने जा रहा है। मंदिर के परकोटा क्षेत्र (घेराबंदी वाला हिस्सा) का 800 मीटर लंबा परिक्रमा मार्ग 28 मार्च के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। परकोटे में 6 उपमंदिर हैं, जिनके दर्शन परिक्रमा करते हुए होंगे। अब तक श्रद्धालु मंदिर के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल तक ही दर्शन कर पा रहे हैं।
जिला कलेक्टर निखिल टी. फुंडे ने बताया कि परिक्रमा मार्ग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि श्रद्धालुओं को कहीं भी रुकावट न आए। परिक्रमा और मुख्य मंदिर दर्शन के रास्ते जहां-जहां क्रॉस होते हैं, वहां अंडरग्राउंड क्रॉसिंग बनाई गई हैं, ताकि दर्शन और परिक्रमा दोनों सुचारू रूप से चल सकें। हर स्लॉट में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश
भीड़ प्रबंधन को देखते हुए परिक्रमा मार्ग और परकोटा क्षेत्र में प्रवेश स्लॉट सिस्टम के जरिए दिया जाएगा। हर स्लॉट में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, द्वितीय तल, जहां रामयंत्र स्थापित है, वहां किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। एनएसजी का रिजनल बेस बनेगा, केंद्र ने 65 एकड़ जमीन मांगी
अयोध्या क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अक्टूबर 2025 में यहां नेशनल सेक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) तैनात करने की बात कही थी। 50 एनएसजी कमांडो सालभर 24 घंटे तैनात रहेंगे तब प्रदेश सरकार ने एनएसजी यूनिट के लिए 8 एकड़ जमीन दी। सदर तहसील क्षेत्र के गौरा बारिक छावनी इलाके में यूनिट स्थापना का काम चल रहा है। यह सालभर में बनकर तैयार हो जाएगा। यहां करीब 50 एनएसजी कमांडो सालभर 24 घंटे तैनात रहेंगे। केंद्र की ओर से प्रदेश सरकार को नया प्रस्ताव भेजा गया
हालांकि, 9 मार्च को केंद्र की ओर से प्रदेश सरकार को नया प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें एनएसजी का पूरा एक बेस बनाने की कुल 65 एकड़ जमीन की मांग है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
योजना के तहत अयोध्या में एनएसजी का फुल-फ्लेज्ड रीजनल सेंटर विकसित किया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों को कवर करेगा। यह देश का 6वां रिजनल सेंटर होगा।

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