मेरठ सरधना के मेहरमती गांव में दो हत्याओं के बाद तनाव है। रात से ही गांव में फोर्स तैनात है। मृतकों के घर के बच्चे से लेकर महिलाओं तक में गुस्सा भरा है। उनका कहना है कि पुलिस न्याय नहीं दिलाती तो वह खुद न्याय करेंगे। इस दौरान हत्यारों के घरों पर चढ़ाई करने का प्रयास भी किया गया लेकिन पुलिस ने आक्रोषित भीड़ को समझाकार लौटा दिया। पहले तीन तस्वीरें देखे… पहले एक नजर डालते हैं घटना पर
सरधना के मेहरमती गणेशपुर गांव में ईद की शाम एक ही कुनबे के कुछ लोग खेत पर पार्टी कर रहे थे। बताया जाता है कि यहां जुआ भी चल रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में पहले नोक झोंक और उसके बाद हाथापाई शुरू हो गई। विवाद खेतों से लेकर घर तक पहुंच गया। लाठी डंडे और धारदार हथियार चल गए, जिसमें भूरा व सईमुद्दीन की मौत हुई है। दहशत फैलाने को गांव में की हत्या
विवाद जिस जगह शुरू हुआ हत्या उससे काफी दूर की गई है। दरअसल, यह हत्या गांव के बीच में की गई ताकि दहशत फैलाई जा सके। सलमान से मारपीट की जा रही थी। इसी दौरान नमाज पढ़ कर लौट रहे भूरा और सईमुद्दीन भी वहां पहुंच गए। इससे पहले की दोनों कुछ समझ पाते, हमलावरों ने दोनों पर भी हमला बोल दिया। दोनों के पेट और पीठ पर छुरे से वार किये, जिसके बाद वह जमीन पर गिर गए। छावनी में तब्दील हुआ मेहरमती गांव
प्रधान शहीद उर्फ़ सईदु के दो भाइयों की हत्या की सूचना जैसे ही फैली पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरधना, सरूरपुर, रोहटा की पुलिस को लेकर सबसे पहले सीओ आशुतोष कुमार मेहरमती गांव पहुंचे और स्थिति को संभाला। कुछ देर बाद ही एसपी देहात अभिजीत कुमार भी आ गए। मामला एक ही समुदाय के दो पक्षों का था, इसके बावजूद तनाव जैसे हालात बन रहे थे। रात में ही गांव में पीएसी तैनात कर दी गई। आधी रात को पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे शव
रात में ही पुलिस ने भूरा व सईमुद्दीन के शवों का पोस्टमार्टम कराया और आधी रात को ही शव घर पहुंचा दिए। दिन निकलते निकलते तनाव और ज्यादा बढ़ गया। मृतकों के परिवार की महिला से लेकर बच्चों तक गम और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। वह बदला लेने के लिए आतुर दिखे। दो बार उन्होंने हथियारों के घरों पर हमले का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने वापस लौटा दिया। इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
प्रधान शहीद उर्फ़ सईदु की तहरीर पर रात में ही इरशाद उर्फ़ चुन्नू पुत्र सलीम, युसूफ पुत्र नासिर, रईस खान पुत्र वशीर, वाहिद पुत्र जाहिद, शहान पुत्र जाहिद, साजिद पुत्र सलीम, सहजाद उर्फ़ मोटा पुत्र सगीर, साकिब पुत्र साजिद, सईद पुत्र सलीम और रिज़वान पुत्र सईद समेत 4-5 अज्ञात के खिलाफ धारा 191, 191(2), 191(3), 190, 109(1), 103(1), 352, 351(3), 115(2) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। गांव में भारी पुलिस बल किया गया तैनात
मेहरमती में भारी तनाव है। प्रशासन किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह 4 बजे तक SDM उदित नारायण सेंगर, पटवारी अनुज शर्मा के साथ CO आशुतोष कुमार डटे रहे। दिन निकलते ही यह अफसर दोबारा गांव पहुंच गए। दोपहर में दोनों शवों का दफीना होगा। इसको देखते हुए भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। गांव में जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा
रविवार सुबह सिवाल खास विधानसभा क्षेत्र से विधायक गुलाम मोहम्मद सबसे पहले पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद रालोद के जिला अध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज, रालोद नेता सुनील रोहटा, रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष तिरसपाल मलिक भी पीड़ित परिवार को सांत्वना बना देने पहुंचे।

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