उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 2025 के 182 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा रविवार को संपन्न हो गई। यह परीक्षा पूरे प्रदेश में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच कराई गई। गोरखपुर में इस परीक्षा के लिए कुल 19 केंद्र बनाए गए थे। यहां 8294 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन केवल 4654 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 3638 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा देने नहीं पहुंचे। प्रदेश के 8 जिलों में परीक्षा यह परीक्षा प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों—अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में कुल 210 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। पूरे प्रदेश में 93,420 अभ्यर्थियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया था। पेपर का स्तर: मिला-जुला अनुभव परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने पेपर के स्तर को लेकर अलग-अलग राय दी। आजमगढ़ से आए अभ्यर्थी आर्यन ने बताया पेपर का स्तर मॉडरेट था। उन्होंने बताया कि इस बार कानून से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। नए कानून लागू होने के कारण कुछ कठिनाई भी हुई, क्योंकि ज्यादातर तैयारी पुराने कानून के आधार पर थी। वहीं बिहार से आई साक्षी आनंद ने कहा कि मेरे अनुसार पेपर में यूपी पुलिस एक्ट सबसे ज्यादा कठिन रहा। पेपर थोड़ा लंबा भी था और समय अधिक लगा। उन्होंने कहा कि- मैंने लगभग 100 से ज्यादा प्रश्न हल किए और यह मेरा पहला प्रयास था। मुझे उम्मीद है कि मैं पहली बार में ही सफल हो जाऊं।
नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए थे।

Leave a Reply