समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा 22 मार्च 2026, रविवार को विश्व जल संरक्षण दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी मोहल्ला बनारसी दास स्थित काली माता मंदिर प्रांगण में प्रातः 9 बजे हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने की। गोष्ठी को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने जल के महत्व और उसके संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विश्व जल संरक्षण दिवस का मुख्य उद्देश्य जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने वैश्विक पर्यावरण संतुलन पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पृथ्वी पर केवल 3% पीने योग्य मीठा पानी उपलब्ध है, जबकि 97% खारा पानी महासागरों में है, जिसका अधिकांश हिस्सा ग्लेशियरों और झीलों में जमा हुआ है। गुप्ता ने कहा, “पानी बनाया नहीं जा सकता बल्कि बचाया जा सकता है।” मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकता जल के महत्व को देखते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल-कॉलेजों में भी बच्चों को आवश्यक जानकारी हेतु जल संरक्षण का पाठ्यक्रम अनिवार्य होना चाहिए। पूर्व सभासद पंकज मिश्रा ने इस अवसर पर कहा, “जल है, तो कल है। उन्होंने दैनिक दिनचर्या में छोटे बदलाव करके भी जल संरक्षण करने पर जोर दिया। आयोजन के समापन पर, गोष्ठी में मौजूद सभी लोगों ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने और स्वयं जल संरक्षण करने की शपथ ली। इस विचार गोष्ठी में प्रमुख रूप से शिक्षक विवेक गुप्ता, शिवकुमार पुरवार, संतोष कुशवाहा, सेवानिवृत तेज बहादुर वर्मा, अनिल गुप्ता, हिमांशु दुबे, चिकित्सक एल.एन. गुप्ता, हरगोविंद तिवारी, सुधीर कुमार, अध्यक्ष राजीव पोरवाल, संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट और सतीश चंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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