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Magh Purnima 2026: रवि पुष्य योग में स्नान-दान से Shopping तक, जानें दिन के सभी शुभ मुहूर्त

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। आज माघ पूर्णिमा है इस दिन स्नान-दान का महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी के साथ ही प्रयागराज कल्पवास का आज समापन हो रहा है। आज का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है कि क्यों आज रवि पुष्य योग बन रहा है। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का होना सोने प सुहागा माना जाता है। इस दिन खरीदारी, इन्वेस्टमेंट और नई शुरुआत के लिए अबूझ और सर्वश्रेष्ठ है। पूर्णिमा के दिन अश्र्लेषा नक्षत्र लगने से गंडमूल शुरु हो जाएगा। यह दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की कृपा पाने का दुर्लभ अवसर है। आइए आपको बताते हैं आज का पंचांग और इस महासंयोग का लाभ कैसे पाएं।
आज का पंचांग – 01 फरवरी 2026
 तिथि                                                   नक्षत्र  
– पूर्णिमा (रात 03:41 बजे तक)          पुष्य 
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति 01 फरवरी  2026
-प्रहर                                                       समय
-सूर्योदय                                            सुबह 06 बजकर 50 मिनट पर होगा।
-सूर्यास्त                                            शाम 05 बजकर 54 मिनट पर होगा।
-चंद्रोदय                                              दोपहर 01 बजकर 05 मिनट पर होगा।
-चंद्रास्त                                             सुबह 03 बजकर 21 मिनट पर होगा।
आज का शुभ मुहूर्त और योग 01 फरवरी 2026
         
मुहूर्त नाम                                          मुहूर्त समय
– ब्रह्म मुहूर्त                                      (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 06 मिनट तक
 
– अभिजीत मुहूर्त                            (सूर्य पूजन का शुभ समय)   दोपहर 12 बजकर                                                                      01 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक
 
– विजय मुहूर्त                                दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 18                                                                       मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त                                शाम 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 31 मिनट                                                                तक
माघ पूर्णिमा और रवि पुष्य योग
माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन देवगण भी अपना स्वरूप बदलकर गंगा स्नान हेतु पृथ्वी पर आते हैं। आज स्नान करते समय ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जप करने से अनजाने में हुए पापों का नाश होता है। आज चंद्रमा अपनी ही राशि में पूर्ण रूप से बलवान होकर स्थित हैं जिससे मन को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग आयुर्वेद, स्वास्थ्य और धन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी, वाहन, भूमि या बही-खाते की खरीद अक्षय फल देने वाली होती है और हानि का योग नहीं बनता। साथ ही यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ है, तो रवि पुष्य योग में खरीदी गई दवा या जड़ी-बूटी का सेवन कराने से रोग शीघ्र दूर होने की मान्यता है।
रवि पुष्य योग और रविवार का संयोग
ज्योतिष शास्त्र में रविवार सूर्य और पुष्य नक्षत्र शनि और देवगुरु का मिलन राजयोग कारक माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह संयोग सत्ता, सरकार और उच्च पद प्राप्ति के लिए शुभ है। आज के दिन माणिक्य रत्न को आप धारण कर सकते हैं या फिर पिता को उपहार देना सूर्य को बहुत मजबूत करता है। आज के दिन विवाह के लिए पुष्य नक्षत्र वर्जित माना जाता है क्योंकि इसे ब्रह्मा जी के श्राप है बाकी सभी कार्यों के लिए अमृत समान माना जाता है। 
आज का विशेष उपाय
 – आज शाम को आप तुलसी के पास और घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जरुर जलाएं।
 – आज आप श्वेतार्क  सफेद मदार की जड़ घर लेकर आएं और इसे गणेश जी के पास रखें।
 – आज पूर्णिमा है और रविवार का दिन है। तो भगवान सूर्य के जल में रोली डालकर अर्घ्य दें और रात को चंद्र देव को दूध की खीर का भोग लगाएं। इससे घर में क्लेश खत्म हो जाता है। 
– आज के दिन खीर का भोग लगाना माता लक्ष्मी जी को अर्पित करना चाहिए।
 – पूर्णिमा के दिन अपने पूर्वजों के नाम से किसी ब्राह्मण को तिल, कंबल या ऊनी वस्त्र दान करना चाहिए। 


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